Heart Attack

सर्दियों में क्यों बढ़ जाता है Heart Attack का खतरा ? जानें इसका कारण, लक्षण और कैसे करें बचाव !

Heart Attack Causes in Winter

हर सर्दी के मौसम में अचानक heart attack की खबरें हमें डराने लगती हैं, पर आपको इसकी असली वज़ह पता है चलो जानते है इस Ayurveda Guru के इस Blog में , हमारा दिल एक पंप की तरह काम करता है, जो दिन-रात बिना रुके पूरे शरीर में खून पहुँचाता रहता है। एक स्वस्थ दिल हर मिनट लगभग 70 बार धड़कता है और ऑक्सीजन से भरपूर खून शरीर के हर हिस्से तक भेजता है।समस्या तब शुरू होती है जब दिल तक खून पहुँचाने वाली नसों (arteries) में रुकावट आ जाती है। सर्दियों में हमारी शरीर को गरम रखने के लिए blood वेसेल्स सिकुड़ जाते है जिससे blood pressure बढ़ता है और दिल को सामान्य से ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है। यही बढ़ा हुआ दबाव और हमारी जीवनशैली में कई गलतिया heart attack की वजह बन जाता है |

कुछ Researches के अनुसार अनुमान लगाया जा सकता है Heart Attack, Heart Failure के खतरे दिन प्रति दिन बढ़ते जा रहे है , ये खतरा बड़े बजुर्गो के साथ साथ युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रहा है और सर्दियों में ये मामले ज़्यादा देखने को मिलते है , जिसे कई भारतीय अस्पतालों और चिकित्सा विशेषज्ञों ने भी स्वीकार किया है।विभिन्न अध्ययनों के अनुसार, सर्दियों के दौरान हार्ट अटैक के मामलों में सामान्यतः 15% से 20% तक की बढ़ोतरी हो जाती है। इतना ही नहीं, इस मौसम में दिल के दौरे से होने वाली मौतों का जोखिम गर्मियों की तुलना में 26% से 50% तक अधिक पाया गया है।चलो आइए अब पड़ते है उन गलतियों के बारे में जो आप अपने दिनचर्य में करते है जिससे heart attack या cardiovascular disease का खतरा बढ़ जाता है !

Research Paper

Source – National Library of Medicine

इन कारणो से बढ़ता है ठंड में Heart Attack का खतरा ( Main Reasons of Heart Attack)

इन कारणों से बढ़ता है सर्दियों में Heart Attack का खतरा:

  1. Cold Weather and Blood Vessel Constriction (Cold-induced vasoconstriction)
    ठंड के मौसम में blood vessels सिकुड़ जाती हैं, जिससे blood flow धीमा हो जाता है। इस प्रक्रिया से heart पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और high blood pressure (BP) बढ़ता है, जो heart attack का कारण बन सकता है।
  2. High Blood Pressure in Winter
    सर्दियों में high blood pressure का स्तर सामान्य से ज्यादा बढ़ जाता है। यह दिल की arteries पर दबाव डालता है और heart failure जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।
  3. Physical Inactivity During Winter
    सर्दियों में लोग आमतौर पर exercise कम करते हैं और ज्यादा समय indoors बिताते हैं। इससे शरीर में fat deposition और obesity बढ़ती है, जो cholesterol और heart disease का खतरा बढ़ाती है।
  4. 4Dietary Habits in Winter (High-fat Foods) ठंड में तले-भुने और high-fat foods जैसे कि fried food, sweets, heavy meals का सेवन बढ़ जाता है। यह cholesterol levels को बढ़ाता है और plaque formation (arterial blockage) की समस्या उत्पन्न करता है।
  5. Increased Risk of Blood Clots (Thrombosis) सर्दियों में blood clot formation का खतरा भी बढ़ जाता है, क्योंकि ठंड से blood viscosity (खून की गाढ़ी अवस्था) बढ़ जाती है। इससे thrombosis (blood clots) की संभावना होती है, जो दिल तक खून की सप्लाई को रोक सकती है और heart attack को ट्रिगर कर सकती है।
  6. Stress and Mental Health Issues सर्दी में सूरज की रोशनी कम होने से शरीर में vitamin D की कमी हो सकती है, जिससे mood swings और stress बढ़ सकते हैं। Mental stress और depression का सीधा असर दिल की सेहत पर पड़ता है और heart attack का खतरा बढ़ाता है।
  7. Sudden Temperature Shifts (Extreme Cold Exposure) सर्दियों में अचानक cold exposure या अचानक तापमान में बदलाव दिल पर जोर डालता है। जब शरीर बहुत तेजी से ठंडा होता है या गर्म वातावरण में अचानक बाहर निकलता है, तो blood pressure बढ़ जाता है, जो heart attack की वजह बन सकता है।
  8. Morning Heart Attacks in Winter सर्दियों में खासकर सुबह के वक्त heart attacks के मामले बढ़ जाते हैं। इसका कारण यह है कि ठंडे वातावरण में दिल की धड़कन और blood pressure अचानक बढ़ जाता है, जिससे heart attack का खतरा ज्यादा होता है।
  9. Dehydration in Winter सर्दियों में लोग कम पानी पीते हैं, जिससे dehydration हो सकती है। शरीर में पानी की कमी से खून गाढ़ा हो जाता है, जिससे blood clotting और heart attack का खतरा बढ़ता है।
  10. Underlying Health Conditions (High Cholesterol, Diabetes, Obesity) सर्दी में जिन लोगों को पहले से high cholesterol, diabetes, या obesityजैसी समस्याएं हैं, उनके लिए यह मौसम और भी जोखिम भरा हो सकता है। सर्दी इन बीमारियों को और बढ़ा सकती है, जिससे heart attack का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

सर्दी के मौसम में हार्ट अटैक के लक्षण और पहचानने के तरीके ( Heart Attack Symptoms )

🔹 सर्दियों में हार्ट अटैक के आम लक्षण

सीने के बीच या बाईं ओर दबाव, जकड़न या जलन महसूस होना

दर्द का बाएँ हाथ, कंधे, गर्दन, जबड़े या पीठ तक फैलना

ठंड में अचानक तेज़ या असामान्य सीने का दर्द, जिसे लोग गैस समझ लेते हैं

🔹 सांस और शरीर से जुड़े संकेत

बिना मेहनत के भी सांस फूलना

ठंड में भी अचानक ज़्यादा पसीना आना

शरीर में अचानक कमजोरी या थकान महसूस होना

🔹 सर्दियों में दिखाई देने वाले छुपे हुए (Silent) लक्षण

हल्का दर्द या बेचैनी, जो लगातार बनी रहे

मतली, उलटी या पेट में भारीपन

नींद से उठते समय सीने में अजीब बेचैनी

🔹 महिलाओं और बुज़ुर्गों में अलग लक्षण

सीने में तेज़ दर्द की बजाय थकान, चक्कर या सांस की तकलीफ

पीठ या जबड़े में दर्द, जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है

बुज़ुर्गों में लक्षण धीरे-धीरे और कम स्पष्ट हो सकते हैं

🔹 हार्ट अटैक को पहचानने के सही तरीके


सीने का दर्द 10–15 मिनट से ज़्यादा रहे तो गंभीरता से लें

दर्द आराम करने या दवा से ठीक न हो

साथ में पसीना, सांस फूलना या चक्कर आए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

सर्दियों में (Heart Attack) से बचने के उपाय (Heart Attack Prevention Tips in Winter)

1.शरीर को गर्म रखें: सर्दियों में सिर, छाती और पैरों को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनें और सुबह बहुत ठंड में अचानक बाहर न निकलें।

2.नियमित हल्की एक्सरसाइज़: घर के अंदर वॉक, स्ट्रेचिंग या योग करें ताकि ब्लड सर्कुलेशन बना रहे और दिल मजबूत रहे।

3.संतुलित आहार और पानी: तला-भुना, ज्यादा नमक और फैट वाला खाना कम करें, हरी सब्ज़ियाँ, फल और ड्राय फ्रूट्स खाएँ, और पर्याप्त गुनगुना पानी पीते रहें।

4.स्वास्थ्य जांच और तनाव नियंत्रण: हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़ या कोलेस्ट्रॉल की दवाइयाँ समय पर लें, और ध्यान, प्राणायाम या अच्छी नींद से मानसिक तनाव कम करें।

Heart Attack का जोखिम घटाएँ: घर पर अपनाएँ ये आयुर्वेदिक उपाय और होम रेमेडीज़ ( Home Remedies )

अगर आप इस बढ़ती ठंड में heart attack या किसी भी तरह की दिल की बीमारी ( Cardio Vascular Disease ) से बचना चाहते है तो ये दिए गए आयर्वेदिक उपायों (ayurvedic remedies ) और होम रेमेडीज़ (Home Remedies ) को घर पर अपना सकते है और अपने आप को स्वस्थ रख सकते है !

आयुर्वेदिक उपाय (Ayurvedic Remedies)

  1. अर्जुन की छाल (Arjuna Bark ) जिसका साइंटिफिक नाम Terminalia Arjuna है | यह एक कमल की आयुर्वेदिक औषधि है जो हृदय की स्वस्थ्य के लिए बेहतर है | अर्जुन की छाल में पॉलीफेनॉल और फ्लावोनॉइड्स होते हैं जो हृदय की धमनियों में फ्री रेडिकल्स और सूजन कम करके दिल को स्वस्थ रखते हैं। इसमें मौजूद सक्रिय तत्व नसों को आराम देने और ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने में मदद करते हैं ,इसके कारण हृदय पर पड़ने वाला दबाव कम होता है। इसका अद्धभुत काढ़ा कोलेस्ट्रॉल लेवल (Cholesterol Level )को कम करने में मदद करता है और हृदय को स्वस्थ बनाता है !
  2. अश्वगंधा (Ashwagandha) जिसका वैज्ञानिक नाम Withania somnifera है | यह एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक औषधि है जो हृदय और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए लाभकारी है | अश्वगंधा में स्ट्रेस कम करने वाले सक्रिय तत्व पाए जाते हैं जो मानसिक तनाव और घबराहट को घटाकर हृदय पर पड़ने वाले दबाव को कम करते हैं | यह हार्मोन संतुलन बनाए रखने में मदद करता है और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखता है | नियमित सेवन से हृदय की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, नींद में सुधार आता है और शरीर की इम्यूनिटी भी बढ़ती है, जिससे दिल स्वस्थ और सुरक्षित रहता है |
  3. त्रिफला (Triphala) जिसका वैज्ञानिक नाम Terminalia chebula, Terminalia bellirica और Emblica officinalis है | यह एक प्राचीन और प्रसिद्ध आयुर्वेदिक औषधि है जो हृदय और पाचन स्वास्थ्य दोनों के लिए अत्यंत लाभकारी है | त्रिफला में शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जो शरीर में जमा हानिकारक फ्री रेडिकल्स को कम करके दिल को स्वस्थ रखते हैं | यह पाचन क्रिया को सुधारता है और कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol Level) को नियंत्रित करने में मदद करता है | नियमित सेवन से हृदय की धमनियां साफ रहती हैं, ब्लड प्रेशर संतुलित रहता है और हृदय को सुरक्षित बनाता है |
  4. गिलोय (Giloy) जिसका वैज्ञानिक नाम Tinospora cordifolia है | यह एक महत्वपूर्ण आयुर्वेदिक औषधि है जो हृदय और इम्यूनिटी दोनों के लिए फायदेमंद है | गिलोय में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो शरीर में सूजन और फ्री रेडिकल्स को कम करके दिल को स्वस्थ रखते हैं | यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने और शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है | नियमित सेवन से हृदय पर पड़ने वाला तनाव कम होता है और दिल सुरक्षित रहता है |
  5. ब्राह्मी (Brahmi) जिसका वैज्ञानिक नाम Bacopa monnieri है | यह एक प्राचीन आयुर्वेदिक औषधि है जो मानसिक स्वास्थ्य और हृदय स्वास्थ्य दोनों के लिए लाभकारी है | ब्राह्मी में सक्रिय तत्व तनाव और घबराहट को कम करते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर संतुलित रहता है और हृदय पर दबाव कम होता है | यह मानसिक स्पष्टता और ध्यान शक्ति बढ़ाने में भी मदद करता है | नियमित सेवन से दिल और दिमाग दोनों स्वस्थ रहते हैं, और सर्दियों में हार्ट अटैक के जोखिम को कम करने में सहायक है |

घरेलू उपाय (Home Remedies)

सर्दियों में दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है। कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर आप दिल को मजबूत और सुरक्षित रख सकते हैं।

1) लहसुन (Garlic) लहसुन हृदय स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है। इसमें मौजूद एलिसिन (Allicin) ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करता है, धमनियों में ब्लॉकेज कम करता है और हार्ट अटैक के जोखिम को घटाता है। रोज़ाना 1–2 कली कच्चा लहसुन या गुनगुने पानी में शहद के साथ लेने से दिल मजबूत रहता है।

2) गुनगुना पानी (Warm Water)
गुनगुना पानी पीने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और शरीर को ठंड से बचाता है। यह हृदय पर पड़ने वाले दबाव को कम करता है और खून को गाढ़ा होने से रोकता है।

3) शहद और नींबू (Honey & Lemon)
शहद और नींबू का मिश्रण शरीर में ऊर्जा बढ़ाता है और रक्त वाहिकाओं को साफ रखता है। यह ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाकर हृदय को स्वस्थ रखता है और दिल के दौरे का खतरा कम करता है।

4)ड्राय फ्रूट्स (Almonds & Walnuts)
बादाम और अखरोट जैसे ड्राय फ्रूट्स में हेल्दी फैट्स और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। ये कोलेस्ट्रॉल संतुलित रखते हैं, हृदय की धमनियों को मजबूत बनाते हैं और दिल को स्वस्थ बनाए रखते हैं।

नोट: यदि पहले से हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज़ की समस्या है, तो इन घरेलू उपायों को अपनाने से पहले डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

निष्कर्ष (Conclusion)


सर्दियों में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाना कोई अनहोनी नहीं है, बल्कि यह हमारे शरीर की ठंड के प्रति प्रतिक्रिया और जीवनशैली की आदतों का परिणाम है। ठंड, उच्च ब्लड प्रेशर, sedentary lifestyle, गलत आहार और मानसिक तनाव जैसी वजहों से दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। हालांकि, सही सावधानियाँ अपनाकर इस जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

गर्म कपड़े पहनना, नियमित हल्की एक्सरसाइज़ करना, संतुलित आहार लेना और पर्याप्त पानी पीना जैसी जीवनशैली की आदतें दिल को मजबूत बनाती हैं। साथ ही, आयुर्वेदिक उपाय जैसे अर्जुन की छाल, अश्वगंधा, त्रिफला, गिलोय और ब्राह्मी तथा घरेलू उपाय जैसे लहसुन, गुनगुना पानी, शहद-नींबू, ड्राय फ्रूट्स और हर्बल चाय को अपनी दिनचर्या में शामिल करने से हार्ट की सेहत बेहतर रहती है।

याद रखें, यदि पहले से हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज़ की समस्या है, तो इन उपायों को अपनाने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह लेना बेहद जरूरी है।

सर्दियों में दिल की सुरक्षा आपकी प्राथमिकता बनानी चाहिए — समय पर सावधानी और सही जीवनशैली से आप अपने हृदय को सुरक्षित और स्वस्थ रख सकते हैं।

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